जिंदगी पर बेहतरीन – हिन्दी कविता

फ़िक्र, ख्याल, इज्जत देने वाले नसीब से मिलते है, उनकी कद्र कीजिये
रिश्ते अगर उलझ भी जाये तो उन्हें थोड़ा वक़्त दीजिये
मंद पड़ रहे हो चिराग ऐ सुकून जिंदगी के
खोलिये खिड़की उन्हें भी हवा दीजिए!!

रास्ते टेड़े मेढे है, मंजिले कठिन भी है
फिर भी एक दो कदम तो चला कीजिए
निकल जानी है ये जिंदगी रंजो गम मे
दब जानी है ख्वाहिशे यूँ ही कब्र मे
मुस्कुराने की कीमत नहीं लगती दोस्त
कभी कभी बेवजह भी हंसा कीजिये!!

बीवी रूठ जाये, माँ बाप से तकरार हो जाये
एक पल भी ना रुकिए, मना लीजिए
वो बोले ना बोले तुम बच्चो के बहाने बुला लीजिये
लौट ही आएंगे परिंदे, जायेंगे कंहा तक
छत पर दाना शाम होते ही बिखेर दीजिये!!

बड़ो की भी सुनिए, बच्चो की भी मंदिर लीजिए
वक़्त अगर ले रहा हो करवट, तो थोड़ा वक़्त वक़्त को भी दीजिये
मरना तो है ही दोस्त एक दिन
मरने से पहले थोड़ा जिंदगी का मजा लीजिए!!

जिंदगी पर बेहतरीन कविता

सोनू सुथार
खिनानियाँ – नोहर (राजस्थान)

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