जिसका सपना देखा है हर शाम .. मोहब्बत के नाम बेहतरीन हिन्दी कविता- Hindi Kavita

जिसका सपना देखा है हर शाम… मोहब्बत के नाम बेहतरीन हिन्दी कविता

जिसका सपना देखा है हर शाम…
वो लड़की आज सामने है.. 
तमनाओ की मानो जीत हुई…
आज वो मुस्कुराता चहेरा सामना है…

वो ख्वाब था मेरा, मेरी चाहत थी…
वो दिलबर था मेरा, दिल की आहट थी…
उसकी तस्वीर पर गुजरे है लम्हे कई…
कई रातो को मैंने संजोया है…
उस एक पगली सी लड़की की खातिर…
दिल कई कई बार रोया है….

उसकी तारीफों मे लफ्ज़ नहीं मिलते….
वो चहेरा बड़ा नूरानी है…
मुस्कान से बाँध लेती है मुझे…
वो लड़की बड़ी तिलस्मानी है…
रोज ख्याल करती है मेरा..
मेरी ही दीवानी है… 

मासूमियत ओडे है चेहरे पर…
वजूद निराला है…

खूबसूरती किं कोई सीमा नहीं…
वो मन मतवाला है…

हर रोज झगड़ लेती है मुझसे…
हर रोज सवाल करती है….
चाँद सा है चेहरा, बेपनाह नूर है…
इंतजार की आख़री सीमा है…
यही मेरी हूर है…

मंदिर मे भगवान सी है…
किताबों मे कुरान सी  है…

सूरज मे लाली सी ….
धान मे बाली सी है…

ज़िन्दगी मे काम सी  है…
सच मे अभिमान सी  है…

समुन्दर मे लहरों सी  है…
रात मे पहरों सी  है…

नौका मे पतवार सी …
हफ्ते मे इतवार सी …

नदियों मे गंगा सी है …
लड़ने मे पंगा सी है…

सुबह वाले भजन सी  है…
रात वाली अजान सी…
गीता ओर कुरान सी …
एक खुशनुमा अरमान सी …

शरीर मे जान सी  है…
खुदा का पैगाम सी  है…

आख़री सच है मेरा वो…
आख़री उम्मीद है…
वो मेरा ईमान है….
वो ही मेरा सम्मान है…

यहाँ सुने  मोहब्बत के नाम

रचनाकार : सोनू सुथार
खिनानियाँ – नोहर (राजस्थान)

अन्य बेहतरीन हिन्दी कविताएँ

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।

Leave a Comment