इरफान खान को समर्पित एक हिंदी कविता / A Hindi Poem dedicated to Irrfan Khan

नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता इरफान खान ने आज दुनिया को हमेशा-हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। इरफान खाने ने 53 वर्ष की आयु में मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। IRRFAN KHAN LAST WORDS : “Amma has come to take me” उनके निधन की खबर सुनते ही पूरा देश शोक में डूब गया है। फिल्म जगत, राजनीति और उनके फैंस सोशल मीडिया पर उन्हें अपने -अपने तरीके से भावुक श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। इरफान खान के निधन पर कवि सोनु कुमार ने youtube पर विडियो अपलोड कर अपनी कविता के माध्यम से  शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी।

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A Hindi Poem dedicated to Irrfan Khan

A Poem Dedicated to Irrfan Khan 2020

इरफान खान के नाम कविता 2020

इरफान खान को समर्पित एक हिंदी कविता

वो मौत को हरा कर गया है…
दुनिया को रुला कर गया है…
फनकार तो बहुत हुये है ज़माने मे…
वो किरदार अपना निभा कर गया है…

जनाजे मे आज भीड़ कम है…
हर घर पर आँख नम है..
व्ट्सप पर स्टेटस लग रहे…
ट्विटर भी है भरा भरा..
इंस्टा की भी आँखे नम है…
फेसबुक भी है मरा मरा..
हिन्दू भी रोया है मुसलमान को भी रुला कर गया है …
आज वो कलाम को याद दिला कर गया है…
वो मौत को हरा कर गया है..

जिया था जिंदादिली से..
अदाकारी मे झंकार थी…
मौत भी कुछ देर रुकी होगी…
इनके जीने मे एक हुंकार थी..
वक़्त भी थोड़ा सहम गया..
कायनात भी है रुकी रुकी..
आज किसे बुलाया है खुदा ने
मौत भी है ठगी ठगी…

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ऐसी मौत नहीं देखी…
सहसा विचलित हर मन है..
पर्दे पर बज रही थी सीटियां..
तालियों की गड़गड़हट थी..
लोग सोच रहे है,  किरदार मे मरा है..
पर आज उसमे सच की आहट थी..

मरते मरते बता कर गया…
एक सीख सीखा कर गया…
साथ रहना, ख़ुश रहना…
वक़्त का भरोसा नहीं होता…
पाठ ये पढ़ा कर गया है..

अभिनेता हजारों है,
फनकार विरले होते है..
इंसान हजारों है..
किरदार विरले होते है
फिल्मे हजारों बनी…
कहानी कम की होती है…
मरते तो है हर रोज ज़माने मे…
अमरता कम की होती है…
अमर है वो, अमर रहेगा…
फनकार था, फनकार रहेगा…
दिल मे है, दिलदार रहेगा…

रचनाकार : सोनू सुथार
खिनानियाँ – नोहर (राजस्थान)

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