ऋषि कपूर को समर्पित एक हिंदी कविता / A Hindi Poem dedicated to Rishi Kapoor

नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर ने आज दुनिया को हमेशा-हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। ऋषि कपूर ने 67 वर्ष की आयु में मुंबई के एचएन.रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल में अपनी अंतिम सांस ली। इससे पहले कल यानि बुधवार 29 अप्रैल को एक अन्य महशूर अभिनेता Irrfan Khan का निधन हुआ था, अभी उनको चाहने वाले उनकी इस प्रकार अचानक हुई मौत के सदमे से बाहर ही नही निकले थे की 24 घंटों में ही Rishi Kapoor के निधन की खबर आ गई , 2 दिन में 2 महान हस्तियों के ऐसे गुजर जाने से पूरा देश शोक में डूब गया है।

फिल्म जगत, नेता और उनके फैंस सोशल मीडिया पर इन दोनों दिग्गजों को अपने-अपने तरीके से भावुक श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। ऋषि कपूर के निधन पर कवि सोनु कुमार ने Youtube पर विडियो अपलोड कर अपनी कविता के माध्यम से शोक व्यक्त करते हुए इन महान अभिनेताओं को श्रद्धांजलि दी।

The Great Heros Never Dies ,They Live in the Hearts of Millions #RIPRishiKapoor #RishiKapoor 🙁

ऋषि कपूर के नाम कविता 2020

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A Poem dedicated to Rishi Kapoor

एक और सितारा अलविदा कह गया…
मौत को लगा गले विदा कह गया…
यक़ीनन जन्नत का हक़दार है वो…
मरने से पहले सबको सजदा कह गया..
एक और सितारा अलविदा कह गया…

एक ये दौर है, एक वो दौर था…
कभी मदारी का दौर था, कभी हीना का दौर था..
मोहब्बत के किस्सों मे रहेगा सबसे ऊपर…
वो दीवाना वाला दीवाना कुछ और था…
एक ये दौर है, एक वो दौर था…

वक़्त सीखा रहा है बहुत कुछ…
जरा गौर कीजिये…
मौत से पहले समझने का वक़्त नहीं मिलता..
जरा गौर कीजिए..
मौत नहीं पूछती अमीरी गरीबी..
मौत नाम भी नहीं पूछती..
जरा गौर कीजिये..
ये तो फनकार थे, अदाकारा थे..
हम जिन्हे याद कर रहे है..
हम क्या है, कौन याद करेगा..
जरा गौर कीजिए..

सितारे बहुत होंगे, टूटेंगे भी बहुत…
चाँद कुछ एक होते है..
एक चाँद कल खोया था…
आज एक और गंवा दिया…
आज आकाश सुना है..
धरती भी अंधकार मय..
जन्नत मे महफ़िल होगी…
आसमान आज सितार मय..

दिन बुरे है, वक़्त ख़राब चल रहा…
Corono के साथ साथ, बॉलीवुड कंगाल चल रहा…
लूट रही है जायदाद पुस्तो की..
कब रुकेगा ये दौर बस एक सवाल चल रहा…
दिन बुरे है, वक़्त ख़राब चल रहा…

अमर रहे, अजर रहे..
कीर्ति फनकारों की…
ये मरते कंहा है, दिलों मे जिन्दा है..
कायनात तक जिन्दा रहे…
कला किरदारों की……

रचनाकार : सोनू सुथार
खिनानियाँ – नोहर (राजस्थान)

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