आज उम्मीदवार घोषित करने के बाद AAP के कुछ कार्यकर्ता हुए बीजेपी में शामिल

आज सुबह दिल्ली की मौजूदा केजरीवाल सरकार ने गत वर्ष होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के लिए उम्मीदवारों की सूची घोषित की थी जिसके बाद आम आदमी पार्टी को एक बड़ा झटका देते हुए उनके कुछ कार्यकर्ता बीजेपी के अंदर शामिल हो चुके हैं।

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आज जावड़ेकर की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता बीजेपी के अंदर शामिल हुए।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के लिए भारतीय जनता पार्टी कल अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है।

खबर मिली है कि बीजेपी चुनाव समिति की बैठक कल होगी , जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि कल भारतीय जनता पार्टी अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दे।

जैसे ही आज सुबह केजरीवाल सरकार ने अपने उम्मीदवारों की सूची घोषित की तो उसके बाद से लोगों के अंदर पार्टी बाजी खूब चलती रही।

कार्यकर्ताओं के आपसी सवाल जवाब

आम आदमी पार्टी के समर्थक बीजेपी के ऊपर इस बात का आरोप लगा रहे हैं कि उनका मुख्यमंत्री चेहरा कौन होगा? वह सिर्फ नरेंद्र मोदी के नाम पर ही चुनाव क्यों लड़ते हैं ? उनका दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के अंदर खुद का कोई ऐसा चेहरा नहीं है जो मुख्यमंत्री बनने के काबिल हो और जिसे बीजेपी आगे रखकर यह चुनाव लड़ सकें।

अब देखना यह होगा कि क्या भारतीय जनता पार्टी कल किसी उम्मीदवार को अपने मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में घोषित करती है या फिर सिर्फ उम्मीदवारों की सूची जारी करके ही चुनाव लड़ती है बिना किसी नाम के या कहें नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नाम पर। दीदी से बात कर रहे हैं।

केजरीवाल समर्थकों की तरफ से बीजेपी पर आरोप लगाने के बाद बीजेपी समर्थक भी कुछ कम नहीं रहे और उन्होंने पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी के ऊपर आरोप लगाया कि उनका ऑड इवन फार्मूला बिल्कुल फेल रहा है आप फेल हो गई है और प्रदूषण पर दिल्ली के अंदर कोई भी कंट्रोल नहीं कर पाई है केजरीवाल सरकार।

भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाने वाले वादे को पूरा नहीं किया है , यह एक अधूरी पार्टी है जो वादे करती तो है लेकिन उनको पूरा नहीं करती।

आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता जो आज बीजेपी के अंदर शामिल हुए उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल ने मुख्यमंत्री बनने से पहले एक वादा किया था कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाएंगे जिसे वो पूरा नहीं कर पाए।

हिंदू शरणार्थियों के साथ केजरीवाल सरकार पर पक्षपात करने का आरोप भी लगा है और नागरिकता कानून के ऊपर केजरीवाल ने भ्रम फैलाया है जो कि निंदनीय है, इसी के चलते उनके कुछ कार्यकर्ता आम आदमी पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का फैसला लिया।

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