वायुसेना का मिंग-27 विमान आज रिटायर हो रहा है

वायुसेना का मिंग-27 विमान आज रिटायर हो रहा है |

कारगिल के युद्ध में दुश्मनों के खिलाफ निभाई थी मुख्य भूमिका  वायुसेना का विमान आज से लगभग 60 साल पहले  आया था|

जिसने वायु सेनाा के हर मिशन में साथ दियाा है|

आज रिटायर हो रहा है वायुसेना का मिंग-27 विमान जानिए क्या है खासियत

कारगिल के युद्ध के समय पाकिस्तान के खिलाफ मुख्य भूमिका निभाने वाला

वायुसेना का मिग 27 विमान आज वायुसेना से रिटायर हो रहा है|

राजस्थान के जोधपुर एयरबेस से 7 मिग 27 विमान की वायु सेना से विदाई होगी|

यह विमान आज राजस्थान के जोधपुर एयरपोर्ट से अपनी आखरी उड़ान भरेगा |

उसके बाद यह रिटायर हो जाएगा इसके लिए जोधपुर एयरबेस पर भारी मात्रा में तैयारियां शुरू हो गई है|

इसके सेरेमनी के लिए कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन हुआ है |

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इस सेरेमनी का उद्घाटन चीफ एयर मार्शल एसके गोटिया करेंगे|

इस मौके पर वायु सेना से रिटायर कई मुख्य अधिकारी भी मौजूद रहेंगे जो कि इस मौके का आनंद लेंगे|

क्या है मिग-27 लड़ाकू विमान कब हुई थी स्थापना

  • इस विमान की स्थापना 10 मार्च 1958 को एयर गन स्टेशन हलवारा में हुई थी|
  • जिसके बाद यहां कारगिल के युद्ध में काफी सफल साबित हुआ था|
  • इस विमान की स्थापना मौके पर सिर्फ IAF 29 स्क्वाड्रन इसकी एकमात्र यूनिट है|
  • जो मिग 27 अपग्रेड का संचालन करती है|
  • इन वर्षों में स्क्वाड्रन को मिग 21 प्रकार 77 मिग 21 प्रकार 96 मिग 27 एमएल और मिग 27,
  • अपग्रेड सहित कई प्रकार के लड़ाकू विमानों से सुसज्जित किया गया है|
  • यह लड़ाकू विमान पिछले चार दशकों से वायुसेना के लिए काफी सहायक साबित हुआ है |
  • और वायुसेना के रीड की हड्डी बना हुआ है इस फाइटर जेट की आखिरी उड़ान जोधपुर एयरबेस से होगी|
  • मिग 27 के और कई विमान इससे पहले ही रिटायर हो चुके हैं |
  • जिसको देखते आज इस लड़ाकू विमान को भी रिटायर किया जा रहा है इस लड़ाकू विमान ने अपनी,
  • शक्ति और परीक्षण से वायुसेना के लिए काफी सहायक साबित हुआ है|