अयोध्या विवाद: राम मंदिर मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

अयोध्या विवाद: राम मंदिर मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, पुनर्विचार याचिका दायर | अयोध्या में विवादित जमीन को लेकर पिछले कई सालों से सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा है लेकिन हाल ही में कुछ दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट ने उस विवादित जमीन को रामलला के नाम कर दिया था

अयोध्या विवाद: राम मंदिर मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, पुनर्विचार याचिका दायर

  •  मुस्लिम समाज को अयोध्या में कहीं और 5 एकड़ जमीन देने का फैसला किया था लेकिन
  • राम मंदिर मामले का विरोध अभी भी थमा नहीं है राम मंदिर मामला एक बार फिर से सुप्रीम
  • कोर्ट पहुंच चुका है सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की गई
  • अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा आए फैसले से नाराज मुस्लिम समाज बोर्ड नाराज होकर 217 पेज
  • की पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में डायरेक्ट की है| सुप्रीम कोर्ट द्वारा आए फैसले में विवादित
  • जमीन को भगवान श्री राम के नाम किया था और मुस्लिम समाज को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या
  • में वैकल्पिक जमीन देने का वादा किया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से मुस्लिम समाज रांची
  • नहीं है उन्होंने वैकल्पिक जमीन लेने का इनकार कर दिया और अपने 217 पेज की पुनर्विचार याचिका
  • में भगवान राम मंदिर बनाने के लिए ट्रस्ट की रोक लगाने की बात भी की है| सुप्रीम कोर्ट के फैसले के
  • खिलाफ तथा पांच जजों की पीठ के फैसले को असंतोष मानते हुए पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई|

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इन कारणों से मुस्लिम समाज है असंतुष्ट

मुस्लिम समाज का दावा है कि 1532 के बाद नमाज पढ़ने का दावा सुप्रीम कोर्ट ने झूठा साबित

किया लेकिन वह सच था सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम समाज के अधिकतर दावे खारिज किए उसमें कई

गाने सच है मुस्लिम समाज का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने 1934, 1949 और 1992 में मुस्लिम समुदाय

के साथ हुई ना-इंसाफी को गैरकानूनी करार दिया, लेकिन उसे नजरअंदाज भी कर दिया। याचिका में कहा

गया कि इस मामले में  पूर्ण न्याय तभी होता जब मस्जिद का पुनर्निर्माण होगा।

और इसी कारण से असंतुष्ट समाज ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है

इससे पहले सुन्नी अक्क बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार लिया था और पुनर्विचार

याचिका दायर करने से इंकार कर दिया था लेकिन सुन्नी अक्क बोर्ड के इस फैसले के

बाद मुस्लिम समाज का व्यक्तिगत संगठन सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचा|