भारत में हुआ आज नागरिकता संशोधन बिल पास गृहमंत्री अमित शाह संसद में रखा नागरिकता संशोधन बिल

देशभर में काफी दिनों से नागरिकता संशोधन बिल को लेकर चर्चाएं और बैठकें हो रही थी। लेकिन आज सोमवार को सुबह ग्रह मंत्री अमित शाह ने संसद में नागरिकता संशोधन बिल को रखा  और  भारत में   नागरिकता संशोधन बिल पास उसके बाद मतदान करके इस बिल को पास कर दिया गया।

भारत में   नागरिकता संशोधन बिल पास गृहमंत्री अमित शाह संसद में रखा नागरिकता संशोधन बिल

  • साठ साल पुराने नागरिकता कानून को बदलने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।
  • केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (Citizenship Amendment Bill) पेश करने वाले हैं।
  • यह विधेयक लोकसभा में दैनिक कामकाज के तहत सूचीबद्ध है.
  • इस बावत पार्टी ने अपने सांसदों को 3 दिनों के लिए व्हिप जारी किया है।
  • अगर यह बिल कानून बन जाता है तो;  पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण वहां से भागकर आए
  • हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों को CAB के तहत भारत की नागरिकता दी जाएगी।

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर हुआ मतदान

  • कैंची क्रम मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल को पेश किया
  • जब यह बिल संसद में पेश किया गया तो जोरदार हंगामा हुआ
  • और विपक्ष ने इस पर विरोध के स्वर उठाए और बाद में मतदान की मांग की जब वोटिंग हुई
  • तो बिल पेश करने के पक्ष में 293 और विरोध में 82 वोट पड़े. सोमवार को सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह; और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी बहस हुई।

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अब बाहरी मुसलमानों को नहीं मिलेगी भारत की नागरिकता।

भारत में  नागरिकता संशोधन बिल पास ; भारत में एक बार फिर से पहचान की बहस छेड़ दी है। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस विधेयक को लेकर विपक्ष की ओर से विरोध के स्वर उठ रहे हैं। दरअसल इस बिल के प्रावधान के मुताबिक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले मुसलमानों को भारत की नागरिकता नहीं दी जाएगी. कांग्रेस समेत कई पार्टियां इसी आधार पर बिल का विरोध कर रही हैं।

नागरिकता संशोधन बिल के समर्थन में शिवसेना

  •  एनडीए की सहयोगी रही शिवसेना जो अब कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार चला रही है।
  • इस बिल का समर्थन करेगी.
  • जबकि कांग्रेस-एनसीपी और कुछ विपक्षी पार्टियां इस बिल का विरोध करेंगे।
  • विपक्षी पार्टियों को कहना कि धर्म के आधार पर देश को बांटने की कोशिश है।
  • जबकि शिवसेना के सांसद संजय राउत का कहना है। कि;  महाराष्ट्र में सरकार अपनी जगह और देश के प्रति कमिटमेंट एक जगह है।
  • इसलिए हम लोग इस बिल का समर्थन करेंगे।