छापांवाली के किसान महेंद्र ने की आत्महत्या

छापांवाली : सादुल शहर तहसील के गांव छापांवाली के किसान महेंद्र ने कर्ज से परेशान होकर 32 साल की उम्र में आत्महत्या कर ली।

महेंद्र के पिता का नाम स्वर्गीय मुखराम बताया जा रहा है जिनकी जाति वर्मा है और यह छापांवाली गांव के रहने वाले हैं।

छापांवाली के किसान महेंद्र वर्मा ने कर्ज से परेशान होकर की आत्महत्या

मिली सूचना के अनुसार किसान महेंद्र वर्मा पर करीब 1000000 का बैंक कर्ज बताया जा रहा है।

इनकी आत्महत्या की प्रमुख वजह बैंक के बार-बार जमीन कुर्की का नोटिस देना है।

इस नोटिस से परेशान होकर महेंद्र ने 4 दिन पूर्व कीटनाशक दवाई का सेवन कर लिया था।

जिसके बाद उसे श्रीगंगानगर के डांडिया हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया।

लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था और कल रविवार को किसान महेंद्र वर्मा ने अपना दम तोड़ दिया।

मौके पर पुलिस सहायक उप निरीक्षक बलवंत राम पहुंचे वह शव का श्रीगंगानगर राजकीय चिकित्सालय में पंचनामा करवा कर शव को मोर्चरी में रखवाया।

किसान महेंद्र पुत्र मुखराम वर्मा ने कीटनाशक सेवन कर लिए अपने प्राण

उल्लेखनीय है कि इकलौते पुत्र महेंद्र के पिता ने भी 1 वर्ष पूर्व बैंक कर्ज से परेशान होकर अपनी आत्महत्या कर ली थी।

मृतक महेंद्र के 1 पुत्र व तीन पुत्रियां है और इनके जीवन का मुख्य आधार किसानी ही है।

किसान महेंद्र वर्मा गांव छापावाली आत्महत्या प्रकरण में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए श्रीगंगानगर सरकारी अस्पताल में सुबह 9:00 बजे जिले की रालोपा टीम प्रदर्शन करेगी।

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किसानों की आत्महत्या दिन प्रतिदिन खुद की आर्थिक स्थिति बिगड़ने से बढ़ती जा रही है, आज से 3 दिन पहले मोहनपुरा गांव में गरीब किसान ने भी कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी।

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