दिल्ली सरकार : निर्भया गैंग रेप हत्याकांड राष्ट्रपति लेंगे अंतिम फैसला

दिल्ली सरकार : निर्भया गैंग रेप हत्याकांड की दया याचिका खारिज राष्ट्रपति लेंगे अंतिम फैसला | निर्भया गैंग रेप हत्याकांड मामले में कुल 6 अपराधियों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया यह बात साल 2012 की है

दिल्ली सरकार : निर्भया गैंग रेप हत्याकांड की दया याचिका खारिज राष्ट्रपति लेंगे अंतिम फैसला

  • जब दिल्ली की रहने वाली निर्भया के साथ इस प्रकार दिल बहलाने वाला घिनौना काम किया गया था|
  • तथा सामूहिक रेप करने के बाद निर्भया की हत्या कर दी निर्भया गैंग रेप हत्याकांड के एक अपराधी ने
  • दया याचिका दायर की जिसे दिल्ली सरकार ने खारिज कर दी अब दिल्ली सरकार इस याचिका को राष्ट्रपति
  • के पास भेजेंगे राष्ट्रपति इस पर अंतिम फैसला लेंगे|निर्भया गैंगरेप हत्याकांड के एक आरोपी द्वारा सुप्रीम कोर्ट
  • में दया याचिका दर्ज की गई दिल्ली सरकार ने गंभीर अपराध बताते हुए खारिज कर दिया निर्भया हत्याकांड
  • मामले में कुल 6 आरोपी थे दिल्ली सरकार के गृह विभाग के मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार इस
  • प्रकार की दया याचिका को कभी मंजूर नहीं करेंगी मंत्री सत्येंद्र जैन ने फाइल पर टिप्पणी करते हुए नोट लिखा
  • कि मैं ऐसे अपराध जघन्य अपराध मानता हूं और लिहाजा इसे खारिज करने की सिफारिश करूंगा सत्येंद्र जैन
  • के इस बयान के बाद दिल्ली सरकार ने इस दया याचिका को खारिज कर दिया
  • सत्येंद्र जैन ने कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर है जिसे इस तरह के आरोपों को
  • रोकने तथा इस तरह के आरोपों में दया याचिका मंजूर करना भविष्य के लिए काफी
  • गंभीर साबित होगा उन्होंने इस याचिका को खारिज करने की सिफारिश की थी

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निर्भया केस के आरोपी

निर्भया गैंग रेप हत्याकांड मामले में कुल 6 आरोपी थे दिसंबर 2012 में हुई थी इन

चारों में एक आरोपी नाबालिग था जिसकी आयु 18 साल से कम होने के कारण उसे छोड़ दिया

गया था वही एक आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में खुद को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी.

इसके अलावा पीछे बच्चे चारों अपराधियों को सुप्रीम कोर्ट की और से फांसी की सजा सुना दी गई है

फांसी की सजा सुनाने के बाद चारों अपराधियों ने सुप्रीम कोर्ट में जो दया याचिका अपील की थी उसे

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट खारिज कर चुके हैं चारों अपराधियों में से एक अपराधी विनय शर्मा ने 4 नवंबर

को राष्ट्रपति को दया याचिका दायर की जिसे दिल्ली सरकार ने खारिज कर राष्ट्रपति के पास भेज दी है|

और दिल्ली सरकार ने राष्ट्रपति से इस याचिका को खारिज करने की सिफारिश की है|