गर्भ में ही हो सकेगा बच्चे का इलाज: Dr. Agrwal

 

 

 

आर्थिक विकास की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहे भारत में स्वास्थ्य के मामले में काफी निराशाजनक रिपोर्ट सामने आई है. लोग अपने व्यस्त जीवन में अपने शरीर का ख्याल नहीं रख पाते हैं . तथा ज्यादातर महिलाएं गर्भावस्था ( गर्भ ) के दौरान आराम की बजाए काम करती रहती है. जिससे नवजात शिशु पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है|एम्स के वरिष्ठ चिकित्सक एवं प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा है कि;अल्ट्रा साउंड सिस्टम से होगा गर्भ में बच्चे का उपचार. 

 DR. AGRWAL ; गर्भ में ही बच्चे का इलाज संभव 

  • भारत में काफी संख्या में नवजात एवं 5 year  कम आयु वाले बच्चे के फेफड़े संबंधित बीमारियों से मौत  होने   की रिपोर्ट सामने आई है
  • ऐसे में secince  ने अपने नए शोध से नवजात शिशु का गर्भ में इलाज होना संभव है
  • इस बात का दावा किया है ; ऐसे में सोशल संबंधित रोगों का समय पर पता लगाकर बच्चे के जन्म से पूर्व ही मां के गर्भ में उनका उपचार किया जाए
  • एम्स के वरिष्ठ चिकित्सक एवं प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा है कि ; आज भी बड़ी संख्या में नवजात बच्चों की शोषण को फेफड़े संबंधित रोगों के कारण मृत्यु हो जाती है|
  • फेफड़ों की समस्या का पता काफी बाद में चलता है
  • ऐसे सोशल संबंधित बीमारियों का उपचार नहीं है और उन्हें कोर्टिसोल दिया जाता है
  • हालांकि बाद में नवजात को कोर्टिसोल ट्रेकिया के जरिए दिया जाने लगता है
  • अग्रवाल ने कहा है कि- नए शोध में हमने यह पता लगाया है. कि रोग का समय पर पता लगाकर बच्चे का जन्म से पहले ही उसका इलाज किया जाए
  •  ताकि नवजात शिशुओं के फेफड़ों संबंधित बीमारियों से होने वाली मृत्यु दर को कम किया जा सके

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अल्ट्रा साउंड सिस्टम से होगा गर्भ में बच्चे का उपचार


  1. डॉ अग्रवाल ने कहा है कि; नए शोध में हमने बच्चे के रोग का समय पर पता लगाकर जन्म से पहले ही अल्ट्रा साउंड सिस्टम के मार्गदर्शन के जरिए फेफड़े संबंधित बीमारियों का पता लगाकर उन्हें दूर किया जा सकता है.
  2. उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में नवजात के उपचार में 7 गुना सुधार दर्ज किया गया है|
  3. यूनाइटेड नेशनल चिल्ड्रन इमरजेंसी फंड की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2015 में भारत में 5 साल से कम उम्र के करीब 1260000 बच्चों की मृत्यु ऐसी बीमारियों से चलते हुई है
  4. जिन का इलाज मुमकिन है यूनिसेफ की रिपोर्ट में कहा है कि ;बाल मृत्यु दर की possion काफी ज्यादा है
  5. वर्ष 2015 में 2 पॉइंट 5 करोड़ बच्चों का जन्म हुआ था
  6. उनमें से करीब 1200000 बच्चों की मृत्यु हो गई जिन का निदान व उपचार मुमकिन है
  7. भारत में जन्म लेने के समय सामान्य से कम वजन वाले शिशुओं के सबसे ज्यादा मामले आते हैं देश में नवजात मृत्यु दर भी काफी ज्यादा है