Jawaharlal Nehru: 57वीं पुण्यतिथि पर जाने पहले प्रधानमंत्री के जीवन के अनछुए पहलू।

सबसे लंबे काल तक देश का प्रधानमंत्री बने रहने वाले जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) का जीवन काफी विविधताओं से भरा हुआ था। उनके विदेशी संबंधों से लेकर, बच्चों से प्यार की भावना, और महात्मा गांधी के आदर्शों का पालन करना, सब कुछ मशहूर है। महात्मा गांधी उन्हें “बेस्ट इंग्लिश मैन ऑफ इंडिया” (Best Englishman of India) भी कहा करते थें।

जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) 16 साल 9 महीने और 12 दिन तक भारत के प्रधानमंत्री थे, जो एक रिकॉर्ड है। आजाद भारत की जिम्मेदारी को अपने कंधे पर उठाने वाले जवाहरलाल नेहरू के कई कार्यों की तारीफ और आलोचना होती रहती है। चलिए आज जवाहरलाल नेहरू के जीवन से जुड़े कुछ अनछुए पहलुओं को साझा करते हैं।

नेहरू का गुस्सैल मिजाज

वैसे तो हम सभी नेहरू को उनकी सादगी, शालीनता और शांत स्वभाव के लिए जानते हैं। कई ऐसे मौके आए हैं, जब देश के पहले प्रधानमंत्री अपना आपा खो बैठे। श्रीलंका के  तत्कालीन प्रधानमंत्री, सर जॉन कोटलेवाला ने जब बांडुंग सम्मेलन में एशिया और अफ्रीका को दूसरे देशों का उपनिवेश बताया तो नेहरू को बहुत धक्का लगा। वे गुस्से से लाल हो गए और 2 देशों के प्रधान के बीच साधारण  इंसानों जैसी तू- तू  मैं  हो गई। उस वक्त इंदिरा गांधी ने उन्हें शांत करवाया था।

नेहरू का उत्तराधिकारी 

कांग्रेस पार्टी पर आज भी उत्तराधिकारी के तानों से विपक्ष  निशाना साधता रहता है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि प्रधानमंत्री पद के लिए, जवाहरलाल नेहरू ने किसी को भी उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया था। उनकी मृत्यु के 5 दिनों पहले जब इस पर बात की गई, तो उन्होंने कहा,”मुझे नहीं लगता मेरी मौत जल्दी होनी है।

नेहरू को भाता था विद्वान महिलाओं का साथ

रुस्तम, जो एक वक्त में नेहरू के सचिव थे, उन्होंने लिखा है कि नेहरू को विद्वान और प्रखर बुद्धि वाली महिलाओं का साथ बेहद पसंद था। लॉर्ड माउंटबेटन की पत्नी एडविना के साथ जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) का बहुत करीबी रिश्ता था। नेहरू जब भी लंदन जाया करते तो उनसे मिलते, और वह भी साल में एक बार भारत अवश्य आया करती थीं। दोनों के बीच लंबे समय तक खतों का सिलसिला भी चलता रहा। यह सारी जानकारी उनकी बेटी ने अपनी पुस्तक में दी है। उस वक्त भारत की प्रसिद्ध नृत्यांगना मृणालिनी साराभाई से भी उनकी लंबे वक्त तक करीबी रहीं। सरोजिनी नायडू की पुत्री पद्मजा भी नेहरू का काफी ख्याल रखती थीं। 

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