तो क्या खत्म हो जाएगी फ्री कॉलिंग और डेटा की सुविधा

सुप्रीम कोर्ट द्वारा कंपनियों पर कर्जे का दबाव बढ़ते हुए देख कंपनियों ने ट्राई से न्यूनतम कॉल दर की सीमा तय करने की मांग की है खत्म हो जाएगी फ्री कॉलिंग और डेटा की सुविधा 

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण(TRAI) जल्द ही प्रस्तुत करेगी नए नियम ;खत्म हो जाएगी फ्री कॉलिंग और डेटा की सुविधा

एक रिपोर्ट के मुताबिक खत्म हो जाएगी फ्री कॉलिंग और डेटा की सुविधा  वाला है इसके बाद से दूरसंचार नियामक प्राधिकरण द्वारा तय किए गए एक न्यूनतम कॉल दर के हिसाब से सभी को चार्ज देना पड़ेगा जोकि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण तय करेगा भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण को नियम को बदलाव करने का रुख तब नजर आया जब एयरटेल प्रमुख सुनील मित्तल ने दूरसंचार सचिव से मुलाकात कर एक न्यूनतम कॉल दर और डाटा को तय करने का अनुरोध किया भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण का कहना है कि कई बार कई कंपनियां उनसे खुद अनुरोध कर चुकी हैं की न्यूनतम कॉल दर की सीमा को वह खुद डिसाइड करें ट्राई के चेयरमैन ने कहा या न्यूनतम दर सभी कस्टमर को मदद करेगी

इससे पहले भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण का विरोध कर चुकी है कई कंपनियां::-.

  • रिपोर्ट के मुताबिक चेयरमैन एके शर्मा ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि
  • कई साल से कॉल रेट और डेटा के रेट नहीं बढ़े थे
  • ट्राई के चेयरमैन ने कहा पिछले 16 सालों में कॉल दर की रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ
  • लेकिन फिर भी या नियंत्रण में रहे इसके लिए हम हमेशा प्रयास करते रहते हैं
  • ट्राई के चेयरमैन ने कहा कि 2016 से मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने जब से मार्केट में जियो लाया
  • तब से टेलीकॉम कंपनियों को अपने रेट खुद-ब-खुद घटाने पड़े जिसके बाद से सारी कंपनियां कर्ज में डूब गई
  • उनको यह कर्ज सुप्रीम कोर्ट के नियमानुसार 3 महीने में चुकाने हैं

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केंद्र सरकार का है दबाव कर्ज़ जल्द से जल्द चुकाए::-

  • घटती अर्थ-व्यवस्था को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को कर्ज चुकाने के लिए दबाव बढ़ा दी है
  • जिसके बाद से सभी कंपनियों में अफरा-तफरी मच गई है सुप्रीम कोर्ट का नियम आया
  • तब से उन पर कर्ज का दबाव बढ़ गया है
  • और तब से वह कॉल दर की न्यूनतम सीमा को तय करने की मांग कर रहे हैं ट्राई के चेयरमैन का कहना है
  • या प्रस्ताव रखा गया टेलीकॉम कंपनियों द्वारा जब उन पर कर्ज का दबाव बढ़ने लगा
  • और सुप्रीम कोर्ट का नियम आया सुप्रीम कोर्ट के प्रस्ताव के बाद ;एयरटेल वोडाफोन आइडिया समेत टेलीकॉम कंपनियों को लगभग कुल मिलाकर ;1.5 लाख करोड़ से ज्यादा रुपए का कर्ज चुकाना है