महाराष्ट्र में सरकार बनने के बाद कांग्रेस तथा शिव सेना भड़की

 

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव हुए काफी दिन हो गए लेकिन पूर्ण बहुमत किसी के पास नहीं होने के कारण सरकार बनाने को लेकर सभी एक दूसरे से गठबंधन के बारे में सोच रहे थे| महाराष्ट्र सरकार हर बार भारतीय जनता पार्टी तथा शिवसेना मिलकर बनाती है लेकिन इस बार शिवसेना के प्रमुख नेता रावत ने भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाने का इंकार कर दिया था उसके बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक भूचाल आया हुआ है तथा शपत लेने के बाद महाराष्ट्र में कांग्रेस तथा शिवसेना भड़की.

महाराष्ट्र में सरकार बनने के बाद कांग्रेस तथा शिवसेना भड़की

शपत लेने के बाद महाराष्ट्र में कांग्रेस तथा शिवसेना भड़की

BJP कि  सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस, एनसीपी तथा शिवसेना पिछले कई दिनों से मुलाकात कर रही है

  • लेकिन रातो रात यह समीकरण उल्टा हो गया
  • तथा भारतीय जनता पार्टी ने अजित पवार के साथ मिलकर सरकार बना ली
  • सरकार बनने के बाद कांग्रेस तथा शिवसेना ने शरद पवार पर निशाना साधा; कांग्रेस तथा शिवसेना का कहना है कि -शरद पवार ने उन्हें धोखा दिया है
  • कुछ दिन पहले शरद पवार तथा कांग्रेस ने सरकार बनाने को लेकर एक शर्त रखी थी; जिसमें बताया था कि- अगर उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री होंगे तो हम शिवसेना को समर्थन देंगे
  • यह बात फाइनल होने के बाद शरद पवार सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली भी गए थे लेकिन शरद पवार ने उस दिन भी मीडिया के सामने इस बात का कोई खुलासा नहीं  किया
  • हमारी सोनिया गांधी से सरकार बनाने को लेकर कोई बात नहीं हुई सरकार बनाने के लिए अभी और भी कई सहयोगियों से बात करना बाकी है|

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सरकार बनने के बाद शरद पवार ने दीया बयान

  1. अजित पवार अपने विधायकों के साथ एनसीपी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का समर्थन कर रहे हैं
  2. मैंने तो भारतीय जनता पार्टी से हाथ नहीं मिलाया है
  3. महाराष्ट्र में सरकार बनने को लेकर भारतीय जनता पार्टी से मेरी कोई मुलाकात नहीं हुई
  4. पवार का कहना है कि- रातों-रात यह क्या हुआ इसका मुझे कोई मालूम नहीं है
  5. शरद पवार ने बताया कि मैंने तो कल ही शिवसेना तथा कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की बात कही थी
  6. लोगों को शरद पवार के इस बयान के बावजूद भी  इस बात का विश्वास नहीं हो रहा है
  7. इसमें शरद पवार का कोई हाथ ना हो क्योंकि इससे पहले भी शरद पवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे
  8. मीडिया से चुप रहे हैं तथा मीडिया पर शरद पवार कोई खुले तौर पर बात करने को राजी नहीं है इसे लेकर सभी को शरद पवार पर डाउट है|