बेंगलुरू से नरेंद्र मोदी लाइव: इसरो का बढ़ाया हौसला, जानें पूरी खबर.

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New Delhi: Prime Minister Narendra Modi presenting a book to President of Kyrgyzstan Almazbek Sharshenovich Atambayev during their joint statement at Hyderabad House in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by Subhav Shukla(PTI12_20_2016_000153B)

 

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तो दोस्तों आपको बता दें. कि 22 जुलाई 2019 से 7 सितंबर 2019 तक chandrayaan-2 का जो सफल रहा वह सफर अंत में असफल हो। गया क्योंकि चांद पर पहुंचने में मात्र 15 मिनट बाकी थे। और विक्रम ब्लेंडर और इसरो का कनेक्शन टूट गया। इसरो का कहना है। कि चांद से 2.1 किलोमीटर विक्रम लैंडर दूर था। तब तक तो हमें उसकी जानकारी थी।

लेकिन बाद में हमें पता नहीं क्या हुआ है। लेकिन आपको बता दें कि अगर 2 किलोमीटर ऊंचाई से कोई चीज नीचे गिरती है। तो उसका सही सलामत होना असंभव है। फिर भी हम नहीं कह सकते अगर हिंदुस्तान के साथ कोई अजूबा हो सकता है। और विक्रम गडर सही सलामत भी रह सकता है।

मिशन चंद्रयान 2 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोशिश करने वालों की हार नहीं होती है। और मोदी जी ने इसरो के वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया। और कहा हमें आप पर गर्व है। कि आपने इतना बड़ा प्रोजेक्ट बनाया और उसे चांद के करीब पहुंचाया। लेकिन आप नाराज ना हुए क्योंकि हम और आगे बढ़ेंगे और हमारा यह सफर रुकेगा नहीं जब तक हमें सफलता न मिल जाए।

और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को संबोधित किया। और कहा कि हम रुकने वाले नहीं हैं। हम और मेहनत करेंगे और उड़ाने भरेंगे. मोदी ने अपने भाषण के अंदर इसरो को कहा कि आप नाराज ना होइए क्योंकि आपने भारत को बहुत बड़े बड़े उपलब्धियां दि है। जैसे एक साथ 104 सैटेलाइट को उड़ाना। और chandrayaan-1 को सक्सेसफुली बनाना। इसी प्रकार से आप अपनी उड़ान को जारी रखिए। हम हमारी मेहनत पूरी करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी इन लाइनों के साथ भाषण को खत्म किया।

उन्होंने कहा कि मैं इतना सुबह-सुबह आप को प्रेरणा देने के लिए नहीं बल्कि आप से प्रेरणा लेने आया हूं। क्योंकि मैं आपको क्या ज्ञान दे सकता हूं वैज्ञानिक महान होते हैं। और वह अपनी पूरी जिंदगी ऐसे प्रशिक्षण और प्रोजेक्ट में लगा देते हैं। और उन्होंने यह भी कहा कि वैज्ञानिकों के साथ पूरा हिंदुस्तान खड़ा है। और वैज्ञानिक को निराश नहीं होना चाहिए। क्योंकि विज्ञान में कोई हार और जीत नहीं होती है। यह तो बस प्रयोग होता है। जो एक बार नहीं तो दूसरी बार सफल हो ही जाता है।

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