नीट उनके लिए है जो लाखो रुपये खर्चा कर सकते है ;हाईकोर्ट

नीट का पेपर काफी हाई लेवल का बनाया तथा साथ ही मेरिट भी काफी हाई  नीट उनके लिए है जो लाखो रुपये खर्चा कर सकते है ;हाईकोर्ट

नीट उनके लिए है जो लाखो रुपये खर्चा कर सकते है ;हाईकोर्ट

  • सभी बच्चों का सपना होता है कि वह डॉक्टर बने और उनके माता-पिता भी
  • उन्हें डॉक्टर या इंजीनियर जैसी बड़ी उपलब्धि दिलाने के लिए लगातार जुटे
  • रहते हैं लेकिन डॉक्टर बनने के लिए 12वीं के बाद एक कंपटीशन एग्जाम फाइट
  • करना होता है अगर आपको कंपटीशन एग्जाम नीट में क्वालीफाई होते हो तो
  • आपको डॉक्टर की पढ़ाई एमबीबीएस करने के लिए मेडिकल कॉलेज मिलता है.
  • एमबीबीएस करने से ज्यादा नीट की परीक्षा पास करना बहुत ही मायने रखता है जो
  • व्यक्ति नीट की परीक्षा पास कर लेता है वह 70% डॉक्टर बन जाता है नीट का एग्जाम
  • 11-  12 की पढ़ाई पर आधारित रहता है नीट में कक्षा 11 तथा कक्षा 12 से संबंधित सवाल
  • पूछे जाते हैं नीट का पेपर काफी हाई लेवल का बनाया जाता है ताकि छात्रों की मानसिक
  • शक्ति का पता लगाया जा सके. नीट के पेपर में कुल 180 सवाल आते हैं जिसमें से 90 सवाल
  • बायोलॉजी के होते हैं 45 सवाल फिजिक्स तथा 45 सवाल केमिस्ट्री के होते हैं. बायोलॉजी का
  • विद्यार्थी बायोलॉजी के 90 सवाल तथा केमिस्ट्री के 45 सवाल तो आसानी से फाइट कर लेता है
  • लेकिन नीट के पेपर में अधिकतम फिजिक्स के 45 सवाल मायने रखते हैं और बायोलू जी का
  • स्टूडेंट इन 45 सवालों की वजह से नीट क्लियर नहीं कर पाता.

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नीट का पेपर इतना मुश्किल क्यू ?

नीट क्लियर करने के लिए सभी लोग प्राइवेट कोचिंग ज्वाइन करते हैं जिनकी फीस काफी उच्चतम होती है

जो हर कोई लोग इतनी फीस देखकर प्राइवेट कोचिंग ज्वाइन नहीं कर पाते हैं एक खास बात की 1

साल तक कोचिंग करके तथा कोचिंग में इतना पैसा लगाकर भी अधिकतर लोग मात्र 1 साल में नीट

क्लियर नहीं कर पाते हैं क्लियर करने के लिए कम से कम 2 से 3 साल तक लगातार कोचिंग करनी पड़ती है

तथा लगातार पढ़ना पड़ता है.दोस्तों 12 वी के बाद लोगो को डॉक्टर बनने

के लिए एक कॉम्पिटिशन एग्जाम पास करना होता है नीट द्वारा य इस एग्जाम का पेपर काफी उच्च स्तर का

बनाया जाता है ताकि स्टूडेंट्स की मानसिक शक्ति का पता लग सके लेकिन जयादातर छात्रों के लिए यह एग्जाम

पहली बार में पास करना मुश्किल होता है इस एग्जाम को पास करने के लिए कोचिंग सेंटर में लगातार पड़ना पड़ता है

नीट एग्जाम की कोचिंग बहुत महंगी पड़ती है जिसे हर कोई उसकी फीस नहीं भर पता है

ग्रामीण क्षेत्रो के छात्रों का नीट पास करना असंभव

  • मद्रास हाईकोर्ट ने मेडिकल collage में नीट के आधार पर दाखिला देने की वयवस्था की गयी है
  • कोर्ट ने इसके बारे में काफी चींता जताई है की नीट पास करना सामान्य लोगो के बस की बात नहीं है कोर्ट
  • ने बताया की बहूत काम स्टूडेंट्स बिना प्राइवेट कोचिंग ज्वाइन किये नीट में पास हो पाते है इसका सिधा ,
  • मतलब यह है की गरीबो के लिए मेडिकल की पढाई उपलब्ध नहीं है क्योकि नीट की पढ़ाई के लिए प्राइवेट
  • कोचिंग में जितना खर्चा होता है उतना खर्चा गरीबो के लिये भारी पड़ रहा है।मद्रास हाई कोर्ट ने
  • भी मेडिकल कॉलेज के लिए दी जाने वाली परीक्षा नीट को लेकर अपना बयान भी दिया मद्रास
  • हाईकोर्ट का मानना है कि गरीबों के लिए नीट काफी असंभव है क्योंकि गरीब परिवार से बिलॉन्ग
  • करने वाले छात्र इतना ज्यादा खर्चा उठा कर नेट क्लियर नहीं कर सकते हैं. नीट का पेपर इतना
  • हार्ड बनाना भी जरूरी है क्योंकि मेडिकल कॉलेज की सीटें बहुत कम होती है और फार्म लाखों में
  • भरे जाते हैं इतने छात्रों में से कुछ गिने-चुने छात्रों को काटना बहुत मुश्किल होता है इसीलिए नीट
  • का पेपर बहुत ही डिफिकल्ट बनाया जाता है तथा साथ ही मेरिट भी काफी हाई रहती है|