बेनतीजा रही किसान नेताओं की केंद्र सरकार के साथ वार्ता

0
Negotiations between peasant leaders remained inconclusive
In this post you see negotiations about kisan yojna

Negotiations between peasant leaders remained inconclusive: कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार और किसानों के बीच चल रही तनातनी को लेकर आज की वार्ता बैठक समाप्त हो गई है, लम्बी चली वार्ता के बावजूद किसानों के साथ केंद्र की बैठक बेनतीजा रही है, अभी भी किसान कृषि कानूनों को वापसी लेने पर अडे हुए दिखाई दे रहे हैं तो वहीं सरकार भी बिलकुल नर्मी बरतने के मूड में दिखाई नहीं दे रही है, आपको बता दें कि इससे पहले भी किसानों और केंद्र सरकार से मध्य काफी लम्बी लम्बी वार्ता हो चुकी है। लेकिन अब ये साफ साफ देखने को मिल रहा है कि दोनों पक्ष इस मामले को सुलझाने के मूड में नही है तभी एक दूसरे की बात को समझने की कोशिश नही कर रहे हैं और एक के बाद एक मीटिंग होने के बावजूद नतीजा शून्य दिखाई दे रहा है।

Negotiations between peasant leaders remained inconclusive

 

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि अगर ऐसा ही दोनों पक्षों के बीच चलता रहा हो कहीं ये विरोध बड़ा रूप ना ले ले और सरकार को भी यह महंगा पड़े, अगर देखा जाए तो कुछ राजनैतिक पार्टीयां भी पीठ पीछे हाथ साफ करती नजर आ रही हैं और किसानों के समर्थन का आश्वासन दे रहीं हैं। इतना ही नहीं देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस भी किसानों के समर्थन में उनका हर स्तर से सहयोग में जुटी हुई है। जिससे किसानों का मनोबल कायम है और यही वो बात है जो केंद्र सरकार को मिर्ची की तरह चुभ रही है। अगर कांग्रेस बीच में ना आती और किसान खुद विरोध करते तो शायद दोनों पक्षों के बीच बात बन सकती थी। फिलहाल आज की दोनों पक्षों के मध्य हुई बैठक विफल रही है और आगामी बैठक 8 जनवरी को होनी है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आज कृषि कानूनों का विरोध करते हुए किसानों को 39 दिन हो चुके हैं, फिर भी सरकार किसानों की मांग एमएसपी पर गारंटी और कानून वापसी को नजर अंदाज कर रही है। वहीं इस सम्बन्ध में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि सरकार कोई भी निर्णय लेने से पहले देश भर के बाकी राज्यों के सही किसानों से भी वार्ता कर कृषि कानून को लेकर चर्चा करेगी और जानने की कोशिश करेगी कि उनकी इस सम्बंध में राय क्या है। इसके साथ ही सरकार उन्हें समझाने की कोशिश करेगी और कृषि कानूनों से होने वाले फायदों को भी विस्तार से बताएगी।

जानिए अगले राउंड की चर्चा

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि बैठक में किसानों के साथ वह तीनों कृषि कानूनों पर बिंदुवार वार्ता करना चाहते थे लेकिन उनकी वार्ता का यह प्रयास भी असफल रहा और उन्होंने उम्मीद जताई है कि अगली बैठक में नतीजे सकारात्मक आने की उम्मीन है। उन्होंने यह भी कहा है कि वह एमएसपी पर ही किसानों के साथ वार्ता करने को तैयार हैं। वहीं किसानों के नेता राकेश टिकैत का कहना है कि कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं। फिलहाल दोनों पक्ष अपनी अपनी बातों पर अडे हुए हैं।

Thanks for reading this post Negotiations between peasant leaders remained inconclusive

You Must Also Read:

राजस्थान में कब शुरु होंगे स्कूल, जानिए नया अपडेट

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here