पिछले 6 साल के सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुंची जीडीपी

 

वित्त वर्ष 2019 के दूसरी तिमाही में जीडीपी 4.5 परसेंट पर आई! जब से वित्त वर्ष 2019 चालू हुआ है जीडीपी की ग्रोथ रेट में दिन प्रतिदिन कमी देखी जा रही है पूरे दुनिया में मंदी का असर दिख रहा है

पिछले 6 साल के सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुंची जीडीपी

पिछले 6 साल के सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुंची जीडीपी

वित्त वर्ष 2019 के दूसरे तिमाही यानी जुलाई से सितंबर तक लेकर जीडीपी में 0.5%परसेंट की गिरावट आई है यानी ओवरऑल जीडीपी 5% से 4.5% पर आ गई है जोकि ओवरऑल अप्रैल-जून के तिमाही 5 फीसद की तुलना से कम है और पिछले 6 साल के सबसे न्यूनतम स्तर पर है और 2012-013 की तिमाही के सबसे न्यूनतम अस्तर पर है ! धीमी विकास दर ही देश की धीमी अर्थव्यवस्था का कारण है पहले 7 महीनों मैं राजकोषीय घाटा वर्तमान वर्तमान की तुलना में कम था गिरती हुई भारतीय अर्थव्यवस्था का मुख्य कारण ग्लोबल मंदी है

साल की दूसरे तिमाही में भी कमी आई जीडीपी में

  • मोदी सरकार के सामने या सबसे बड़ा चैलेंज माना जा रहा है!
  •  महीने में कुछ प्राइवेट सेक्टर की भी इंडस्ट्रियल ग्रोथ कम रही हैं!
  •  6 वर्षों की तुलना में भारतीय अर्थव्यवस्था का या सबसे बुरा हाल है!
  • पिछले 26 तिमाहियों की बात करें तो यह सबसे न्यूनतम अस्तर पर है!
  • शुक्रवार को नेशनल डाटा इनकम के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था पिछले 6 वर्ष के सबसे न्यूनतम स्तर पर है
  • जबकि सरकार का अनुमान 2019-020 में देश की अर्थव्यवस्था 6 प्रतिशत की थी!
  • विकास दर की बात करें तो पिछले 6 सालों का यह सब से धीमा विकास दर है
  • जोकि राजकोषीय घाटो की वजह से है जो कि यह घाटा पिछले एक सालों से ज्यादा है
  • मोटर से लेकर इंडस्ट्री और कई इंडस्ट्रियल सेक्टरों का ग्रोथ रेट कम होना भी है!

read also; EGO की वजह से world cup सेमीफाइनल हारी थी टीम इंडिया

इसकी तरफ से सरकार का अभी कुछ खास जवाब नहीं मिला है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा या मंदी पूरे दुनिया में है!