सूर्य ग्रहण 26-दिसंबर-2019 की ताजा ख़बर व जानकारी

विशेषज्ञों के अनुसार सूर्य ग्रहण 26-दिसंबर-2019 या अंग्रेज़ी में बोलेे Solar Eclipse 57 साल बाद लगने वाला एक विशेष Surya Grahan होगा।

इस टाइम कोई पूजा पाठ नहीं होगा और ना ही कोई शुभ कार्य होगा।

सूर्य ग्रहण 26-दिसंबर-2019 को 57 साल बाद लगेगा ऐसा विशेष Solar Eclipse

  • 26-दिसंबर-2019 को लगने वाला सूर्य ग्रहण सुबह के समय लगेगा।
  • जो कि एक विशेष परिस्थितियों में लगेगा ऐसा 57 साल बाद लगेगा।
  • ज्योतिषाचार्य विभोर का कहना है कि ऐसा सूर्य ग्रहण 1962 में 57 साल पहले लगा था।
  • जो कि सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण था 1962 में लगने वाला सूर्य ग्रहण में सात ग्रह एक साथ थे।
  • जब कि कल लगने वाले सूर्य ग्रहण में केवल 6 ग्रह एक साथ हैं कल वाला सूर्य ग्रहण एक ग्रह कम है।
  • बाकी 57 साल बाद इतना बड़ा सूर्य ग्रहण लगने वाला है।
  • ज्योतिषाचार्य विभोर के अनुसार या सूर्य ग्रहण पूरे 3 घंटे तक रहेगा।

यह सूर्य ग्रहण सुबह 8:17 पर शुरू होगा 9:37 पर इसका मध्यकाल होगा और 10:57 पर ग्रहण का मोक्ष होगा।

57 साल बाद लगेगा इतना बड़ा सूर्य ग्रहण 26-दिसंबर-2019

ज्योतिषाचार्य विभोर के अनुसार ऐसा सूर्य ग्रहण 1962 में लगा था।

उसके बाद अब इतना बड़ा सूर्य ग्रहण लग रहा है।

इससे पहले सूर्य ग्रहण इसी साल 6 जनवरी को लगा था।

और उसके बाद 2 जुलाई को आंशिक सूर्य ग्रहण लगा था।

सूर्य ग्रहण का सूतक 25-दिसंबर-2019 की रात 8:17 से ही लग जाएगा।

जो कि 12 घंटे पहले लग रहा है।

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ज्योतिषाचार्य विभोर के अनुसार ऐसा सूर्य ग्रहण किसी अन्य सामान्य सूर्य ग्रहण के मुकाबले में ज्यादा तेज होगा।

यह सूर्य ग्रहण के समय धनु राशि और मूल नक्षत्र की टाइम बनेगा।

जो कि धनु राशियों के लिए ज्यादा नुकसानदायक होगा।

अर्थात धनु राशि के व्यक्तियों पर या सूर्य ग्रहण ज्यादा प्रभाव डालेगा।

इस सूर्य ग्रहण के समय 6 ग्रह है।

सूर्य चंद्रमा शनि बुध बृहस्पति केतु के ऊपर ज्यादा प्रभाव पड़ेगा।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार 25-दिसंबर-2019 की रात को 8:17 से सूतक लग जाएगा।

जिसके दौरान किसी भी मंदिर का कपाट खुला नहीं रहेगा।

और इस टाइम कोई पूजा पाठ नहीं होगा और ना ही कोई शुभ कार्य होगा।

सूर्य ग्रहण यानी Solar Eclipse कब और कैसे होता है ?

  1. सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है।
  2. जिससे पृथ्वी लोक के निवासियों के लिए सूर्य पूरी तरह से या
  3. आंशिक रूप से अस्पष्ट हो जाता है।
  4. एक कुंडलाकार सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा का स्पष्ट व्यास सूर्य की तुलना में छोटा होता है।
  5. जो सूर्य के अधिकांश प्रकाश को अवरुद्ध करता है और
  6. सूर्य का एक अणु (अंगूठी) जैसा दिखता है।
  7. एक कुंडलाकार ग्रहण हजारों किलोमीटर चौड़े पृथ्वी के एक क्षेत्र पर आंशिक ग्रहण के रूप में दिखाई देता है।

इस surya grahan 2019 की धर्मनिरपेक्षता कहां दिखाई देगी?

  1. सऊदी अरब
  2. कतर
  3. संयुक्त अरब अमीरात
  4. ओमान
  5. पाकिस्तान
  6. भारत
  7. श्रीलंका
  8. बांग्लादेश
  9. मलेशिया
  10. इंडोनेशिया
  11. सिंगापुर
  12. उत्तरी मारियाना द्वीप समूह
  13. गुआम

वार्षिकी के पथ में जनसंख्या केंद्रों में

  1. कोझिकोड
  2. कोयम्बटूर
  3. जाफना
  4. त्रिनकोमाली
  5. सिबोलगा
  6. तंजुंग पिनांग
  7. बाटम
  8. सिंगापुर
  9. सिंगकावांग
  10. गुआम शामिल हैं।

दोहा , मदुरै , पीकनबरु ,दुमई , जोहर बहरू, कुचिंग जैसे शहर संकीर्ण रूप से Solar Eclipse या हिंदी में कहें सूर्य ग्रहण 26-दिसंबर-2019 की अनहोनी को याद करेंगे

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