आज रात होगी चंद्रयान की सॉफ्ट लैंडिंग चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव में जानिए पूरी खबर

Chandryan-2 LIve: Watch Here from ISRO Official

 

तो दोस्तों आपको बता दें. कि chandrayaan-2 जिसे 22 जुलाई 2019 को सक्सेसफुली लांच किया गया था। सक्लेकिन आपको बता दें. कि chandrayaan-2 को 2014 में लांच करना था। और उस समय रूस के साथ डील हुई थी। और रूस ने बोला था कि लेंडर हम बना देंगे लेकिन अचानक रूस ने लेंडर बनाने से मना कर दिया।

तो फिर भारत ने अपना खुद का लैंड बनाया। जिसका नाम रखा विक्रम और फिर उसे अप्रैल 2019 में लांच करने के लिए कहा गया। लेकिन कुछ तकनीकी समस्या के कारण इसे 22 जुलाई को सक्सेसफुली लांच किया गया। और यह यान अपनी पूरी प्रक्रिया कर ली है।

और आज रात 1:45 पर चांद की सतह पर पहुंच जाएगा। भारत विश्व का एकमात्र ऐसा देश होगा जो चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव में अपना विक्रम लेंडर उतारे का क्योंकि अमेरिका और चीन भी अभी तक चंद्रमा के दक्षिण और नहीं गए हैं।

भारत ने chandrayaan-2 से पहले chandrayaan-1 को चांद पर भेजा था। और उस समय भी भारत ने विश्व को एक बहुत बड़ी खोज करके दी थी। chandrayaan-1 ने चांद पर पानी होने की खोज की थी क्योंकि chandrayaan-1 भेजा था तब भारत के पास सॉफ्ट लैंडिंग करने के लिए लेंडर नहीं था। तब भारत ने चांद पर हार्ड लैंडिंग की तो हार लैंडिंग में सामने आया कि चंद्रमा की सतह के लगभग दो-तीन इंच नीचे पानी है।

क्योंकि हार्ड लैंडिंग के वक्त चंद्रमा से पानी होने का पता चला था। लेकिन अब सॉफ्ट लैंडिंग होगी तो आप समझ ही सकते हैं। अभी भी भारत कुछ ना कुछ नया करने वाला है। क्योंकि भारत ने अब की बार अपने विक्रम लेंडर को चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव की और उतारा है। जहां पर अभी तक कोई भी देश नहीं पहुंचा है।

आज रात 1:45 पर chandrayaan-2 चंद्रमा की सतह पर पहुंच जाएगा और लगभग 5:00 बजे रॉबर परिज्ञान भी चांद की सतह पर आ जाएगा। और अपनी व विक्रम लैंडर की सेल्फी लेगा। और यह रोवर 1 सेंटीमीटर प्रति सेकंड की गति से लगभग 1 साल तक चांद पर काम करेगा। और चांद की सतह में पाए जाने वाले तत्व एवं खनिजों को ढूंढेगा।

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