प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू किया गया ट्रैफिक नियम पूरे देश में लागू नहीं हो पाया, जानिए क्याे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी बार सत्ता आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्त कानून बनाया यह कानून संसद में पारित हो चुका है लेकिन फिर भी यह कानून देश के कई राज्यों में अभी तक लागू नहीं हो पाया है|

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू किया गया ट्रैफिक नियम पूरे देश में लागू नहीं हो पाया,

नरेंद्र मोदी द्वारा जारी किया गया सब ट्रैफिक नियम को कई राज्यों ने ठुकरा दिया है तथा कई राज्यों में डिस्काउंट दिया जा रहा है इस सख्त ट्रैफिक नियम पर कई विपक्षी दल मुद्दा खड़ा कर रहे हैं तथा सुप्रीम कोर्ट में इस ट्रैफिक नियम को लेकर याचिका दर्ज कर रहे हैं विपक्षी नेताओं द्वारा सड़कों पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है|

 

नरेंद्र मोदी का यह कानून लागू होने के बाद कई ऐसे हादसे सामने आए हैं तथा कई लोगों ने अपनी गाड़ियां चालान से बचने के लिए फूक दी है कई लोगों ने चालान भरने से इनकार कर दिया है तथा साथ ही ऐसी भी कई घटनाएं सामने आई है जिनमें लोगों के हेलमेट पहने हुए हो होने के बाद भी ट्रैफिक पुलिस ने उनका भारी चालान काटा है लोग ट्रैफिक नियम से काफी नाखुश हैं तथा इतना भारी भरकम ट्रैफिक चालान भरने में असक्षम है|

इन राज्यों में हो रहा है ट्रैफिक नियम का विरोध

 

नरेंद्र मोदी द्वारा पारित किए गए नए ट्रैफिक नियम को लेकर मध्यप्रदेश ने अपने राज्य में इस ट्रैफिक नियम को लगाने से इंकार कर दिया है |

दूसरी ओर उत्तर प्रदेश इस ट्रैफिक नियम को लेकर चर्चा कर रहा है

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झारखंड ने ट्रैफिक नियम के चालान पर 3 माह की मोहलत दी है

गुजरात सरकार ने ट्रैफिक नियम पर कटे जाने वाले चालान में 70 से 90 फ़ीसदी का डिस्काउंट दिया है

राजस्थान के कई इलाकों में यह नियम लागू हुआ है और कई इलाकों में यह नियम लागू नहीं हुआ है|

महाराष्ट्र में ट्रैफिक नियम लागू होने के खिलाफ केंद्र को नोटिस भेजा है

कर्नाटक ने यह साफ कह दिया है कि हम भी गुजरात की तरह कटने वाले चालान में डिस्काउंट देंगे

केरला ने यह ट्रैफिक रूल लागू करने से मना कर दिया है|

 

नए ट्रैफिक नियम लागू होने के बाद यह हुआ मुख्य फायदा

 

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में बिल पारित करने तथा सांसद से कानून लागू होने के बाद ट्रैफिक नियम को लेकर विरोध जरूर हो रहा है
  • लेकिन इसका मुख्य फायदा पूरे भारत में देखा गया है
  • भारत में 61 फ़ीसदी ट्रैफिक नियम तोड़ने में गिरावट आई है
  • साथ ही आधार कार्ड की तरह ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट बनाए जा रहे हैं|

 

  • कई सालों की बहस के बाद इस ट्रैफिक नियम को लागू करना देश के हित में है
  • इतना ही नहीं इस भारी-भरकम चालान से बचने के लिए लोग ट्रैफिक नोट नियम तोड़ना कम करेंगे
  • साथ ही अपनी सेफ्टी के लिए हेलमेट भी लगाएंगे और अपना ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी साथ रखेंगे
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि विदेशों की तरह हमारे देश में भी ट्रैफिक नियम नहीं टूटे
  • और सड़क हादसों में किसी भी व्यक्ति की जान ना जाए|

 

 

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