ट्रम्प समर्थकों का अमेरिकी संसद पर हमला

0
अमेरिकी संसद पर हमला:
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होने के बाद परिणाम घोषित होते ही जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषित हुए चुनाव परिणामों पर संतुष्टि जाहिर करते हुए

अमेरिकी संसद पर हमला: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होने के बाद परिणाम घोषित होते ही जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषित हुए चुनाव परिणामों पर संतुष्टि जाहिर करते हुए विपक्षी दल पर निशाना साधा, जिसके बाद से लेकर अब तक दोनों पार्टियों के मध्य गहमागहमी से बनी हुई है और दोनों ही एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।

ट्रम्प समर्थकों का अमेरिकी संसद पर हमला

मिली जानकारी के अनुसार अमेरिका में कैपिटल परिसर में बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थको द्वारा हंगामा किया गया, सिर्फ इतना ही नहीं डोनाल्ड ट्रंप के समर्थको ने हिल पर कब्जा करने की असफल कोशिश की, इसके बाद समर्थकों ने सीनेट में हंगामा किया और इसके साथ ही पोस्टर बैनर लेकर संसद की इमारत को चारों तरफ से गिरने का प्रयास किया।

दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में शिकायत के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप और उनके समर्थक यह हार स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। ट्रंप यह दबाव बना रहे हैं जिसके चलते उनके समर्थको ने अमेरिकी संसद पर हमला बोल दिया। इस दौरान गोलीबारी भी हुई। इसमें एक महिला की जान भी चली गई। वहां का माहौल इस हद तक बिगड़ गया था कि सुरक्षाबलों को ट्रंप के समर्थको पर आंसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े थे।

यहां तक कि ट्विटर और फेसबुक ने एक अभूतपूर्व कदम के तहत ट्रंप के एकाउंटों को अवरुद्ध कर दिया। ट्विटर ने ट्रंप के एकाउंट को 12 घंटे के लिए अवरुद्ध कर दिया और समर्थकों को उनके संबोधन सहित उनके तीन वीडियो भी अवरुद्ध कर दिए। फेसबुक ने कहा कि वह नीति उल्लंघन के चलते राष्ट्रपति के एकांउट को 24 घंटे के लिए अवरुद्ध कर रहा है।

हिंसा के बाद ट्रंप सत्ता हस्तांतरित करने को लेकर तैयार हो गए हैं। 20 जनवरी को उनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। अमेरिका के डिप्टी NSA मैट पाटिंगर और व्हाइट की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी सारा मैथ्यू ने अपने पद इस्तीफा दे चुके है। संसद में हुए शर्मनाक हंगामे के बाद कई अधिकारियों ने इस्तीफे दे दिए।

अमेरिकी संसद पर हमला, चीन ने बताया कर्मों का फल
हिल में हुए बवाल पर चीन की प्रतिक्रिया
अमेरिका संसद में हुए बवाल की देश भर में चर्चे हो रही है। इस हलचल पर चीन ने तंज कसा है। चीन का कहना है कि अमेरिकी इस लायक है। यह दृश्य हमारे लिए मनोरंजक साबित हुआ है। संसद में समर्थको के हमले और तोड़फोड़ को चीन ने कर्मो का फल बताया है।
चीन के द्वारा इस हमले की तुलना 2019 में हांगकांग की विधानसभा इमारत में हुए हमले से की गई है तथा चीन ने बड़े स्पष्ट शब्दो में अमेरिका को कहा है कि यह अमेरिका की असली तस्वीर है।

क्या अमेरिका ग्रह युद्ध की ओर आगे बढ़ रहा हैं?
अमेरिका के इतिहास में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बवाल जितना इस बार हुआ है, शायद ही कभी हुआ हो। अमेरिका के अन्य सहयोगी देशों ने भी इसे ‘लोकतंत्र पर हमला’ बताया है। हालांकि कुछ ने कहा है कि उन्हें भरोसा है कि अमेरिका की लोकतांत्रिक व्यवस्था इससे उबर आएगी। कुछ नेताओं ने निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी आलोचना की। जर्मनी के विदेश मंत्री हीको मास ने ट्विटर पर लिखा कि ट्रंप और उनके समर्थकों को अमेरिकी मतदाताओं के फैसले को स्वीकार कर लेना चाहिए और लोकतंत्र पर हमला बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भड़काऊ बयानों से हिंसक घटनाएं हुईं। लोकतांत्रिक संस्थाओं की अवहेलना का खतरनाक परिणाम होता है। ऐसा करना हिंसक रूप धारण कर सकता है।

Here Read Other Articles : देश में बर्ड फ्लू नाम की एक नई आफत ने दी दस्तक

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here