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कजरी तीज कब है कजरी तीज क्या होती है जानिए इसका महत्व और शुभ मुहूर्त

9 अगस्त को सावन का महीना समाप्त हो जाएगा और इसी के साथ 10 अगस्त को भाद्रपद का महीना शुरू हो जाएगा। भाद्रपद का महीना बहुत ही ज्यादा पवित्र माना जाता है और इसका अलग ही महत्व होता है। इस एक महीने में कई प्रकार के त्यौहार आते हैं। 

इन्हीं सब त्यौहार में से एक कजरी तीज भी मनाई जाती है जो लोगों के बीच काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। कजरी तीज के दिन भगवान शिव और पार्वती मां की पूजा की जाती है। अधिकतर स्त्रियां इस दिन व्रत रखती हैं और मनोकामना मांगती है। जानिए इसका महत्व और शुभ मुहूर्त क्या है। VIVO के एक और नए फोन की धमाकेदार एंट्री बजट के अंदर आएगा VIVO का 5G स्मार्टफोन

कजरी तीज क्या होती है

कजरी तीज की शुरुआत पार्वती माता के द्वारा की गई थी। उस समय जिस समय माता पार्वती भगवान शिव से शादी करना चाहती थी और उन्हें पति स्वरूप पाने के लिए माता पार्वती ने कठोर तपस्या की थी। कठोर तपस्या के दौरान ही कजरी तीज की शुरुआत हुई थी। 

उस समय माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए व्रत रखा था इसीलिए अधिकतर कुंवारी कन्याएं भी कजरी तीज का व्रत रखती हैं। जिससे वह मनचाहा वर वरदान प्राप्त कर सके। 

कजरी तीज की तारीख और शुभ मुहूर्त क्या है

इस बार कजरी तीज 11 अगस्त को मनाई जाएगी। कजरी तीज कृष्ण पक्ष के तीसरी तिथि में शुरू होती है। इसका समापन 12 अगस्त की सुबह 8:40 तक रहेगा। इसीलिए कजरी तीज इसी दिन मनाई जाएगी इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पूजा की जा सकती है। 

इसी के साथ अगर आप दोपहर में पूजा करना चाहते हैं तो इसके लिए 2:38 से लेकर 3:31 तक का समय काफी ज्यादा शुभ रहेगा। इसके बाद अगर आप शाम के समय पूजा करना चाहते हैं तो 7:03 से लेकर 7:25 तक शुभ समय है। अगर आप रात्रि के समय पूजा करना चाहते हैं तो आप इस पूजा की शुरुआत 12:05 से लेकर 12:48 तक कर सकते हैं।

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